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ऑक्सीजन क्या होती है ?||What is oxygen?

इस पोस्ट मे हम जानेंगे की ऑक्सीजन क्या होती है। वह हमारे लिए इतनी उपयोगी क्यो है ,ऑक्सीजन की खोज किसने किया था ,ऑक्सीजन बनाने कि विधि क्या है ,ऑक्सीजन का स्थान,गुण,पहचान क्या है। और ऑक्सीजन का हमारे जीवन में महत्व  क्या है। तो आइए जाने ऑक्सीजन के बारे में-

ऑक्सीजन वायुमंडल में स्वतंत्र रूप में मिलता है ऑक्सीजन (Oxygen) को प्राणवायु, जारक,या
जीवनदायक गैस भी कहते है यह एक रासायनिक तत्त्व है। और यह रंगहीन स्वादहीन तथा गन्धरहित
गैस है। यह सिलेंडरो में अति संपीडित अवस्था में बिकती हैं।

ऑक्सीजन की खोज किसने किया ?

इसकी खोज जे प्रीस्टले और सीडब्ल्यू शेले ने किया था। सन् 1772 ई० में कार्ल शीले ने पोटैशियम
नाइट्रेट को गर्म करके आक्सीजन गैस तैयार किया, किन्तु उनका यह प्रयोग सन् 1777 ई० में प्रकाशित हुआ था। उसके बाद सन् 1774 ई. में जोसेफ प्रिस्टले ने मयुरिक-आक्साइड को गर्म करके ऑक्सीजन गैस तैयार किया। फिर इसके बाद एन्टोनी लेवोइजियर ने ऑक्सीजन (Oxygen) के गुणों का वर्णन किया तथा इसका नाम आक्सीजन रखा, जिसका अर्थ है- 'अम्ल उत्पादक। ऑक्सीजन,यौगिक रूप में पानी,खनिज तथा चट्टानों का यह महत्त्वपूर्ण अंश है। वनस्पति तथा प्राणियों के प्राय: सब शारीरिक पदार्थों का ऑक्सीजन एक आवश्यक तत्व है। वायु में करीब 29.29% मात्रा ऑक्सीजन की होती है। ऑक्सीजन हवा और पानी दोनों में होती है।
 हवा में 21 फीसदी ऑक्सीजन होती है और 78 फीसदी नाइट्रोजन गैस होती है। वहीं 1 फीसदी अन्य गैस होती है, ऑक्सीजन का लेवल पानी में बहुत कम होता है। पानी में ऑक्सीजन के केवल 10 मोलेक्युल्स ही मौजूद होते हैं।

ऑक्सीजन का स्थान,गुण,पहचान क्या है।

  1. मेंडलीव की आवर्त सारणी के VI-A समूह में पाँच तत्त्व हैं।
  2. ऑक्सीजन का प्रतीक चिह्न 0
  3. इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 152, 252, 2p4
  4. परमाणु क्रमांक 8
  5. परमाणु भार 15.999
  6. क्वथनांक 183°C
  7. ठोस ऑक्सीजन का द्रवणाक 2184 सेंटीग्रेड है।
  8. संलग्न 15° सेंटीग्रेड पर
  9. वाष्पायनऊष्माएँ क्रमानुसार 3 30 तथा 50.9 कैलोरी प्रति ग्राम है

ऑक्सीजन का उपयोग

  1. ऑक्सीजन को कृत्रिम श्वसन के रूप में प्रयोग करते हैं तथा इसे प्राण वायु कहते हैं।
  2. जीवित प्राणियों के लिए ऑक्सीजन अति आवश्यक है। इसे वे श्वसन द्वारा ग्रहण करते हैं।
  3. कड़ी वस्तुओं (चट्टान इत्यादि) के तोड़ने में होता है।
  4. लोहे की मोटी चद्दर काटने अथवा मशीन के टूटे भागों को जोड़ने के लिए
  5. ऑक्सीजन सिरका, बार्निश इत्यादि बनाने
  6. असाध्य रोगियों के साँस लेने के लिए भी उपयोगी है।
  7. ऑक्सीजन धातुओं को जोड़ने तथा क्लोरीन, सल्फ्यूरिक अम्ल आदि के औद्योगिक निर्माण में प्रयोग की जाती है।
  8. मनुष्य में भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने में ऑक्सीज़न सहायक होती है,
  9. यह उपचार रोगी के रक्त में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाता है।
  10. ऑक्सीजन थेरेपी का उपयोग अन्य रोगों में भी होता है, जैसे- वातस्फीति, निमोनिया, कुछ हृदय विकारों मे


ऑक्सीजन बनाने की विधि

ऑक्सीजन गैस को क्रायोजेनिक डिस्टिलेशन प्रोसेस के द्वारा बनाया जाता है इस प्रक्रिया में हवा को फिल्टर किया जाता है, जिससे हवा मिले धूल-मिट्टी को हटाया जा सके। उसके बाद कई चरणों (steps) में हवा को कंप्रेस (भारी दबाव डालना) किया जाता है।उसके बाद कंप्रेस हो चुकी हवा को मॉलीक्यूलर छलनी एडजॉर्बर (adsorber) से ट्रीट किया जाता है, जिससे हवा में मौजूद पानी के कण, कार्बन डाई ऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन को अलग किया जा सके।इस पूरे Process से गुजरने के बाद कंप्रेस हो चुकी हवा डिस्टिलेशन कॉलम में जाती है, जहां इसे ठंडा किया जाता है। यह Process एक plate fin heat exchanger & expansion turbine की सहायता से किया जाता है।  फिर उस के बाद ऑक्सीज को -185 डिग्री सेंटीग्रेट तक ठंडा किया जाता है, ताकि उसे डिस्टिल्ड किया जा सके। असल मे होता क्या है ना कि डिस्टिल्ड Process में पानी को उबाला जाता है और उसके भाप को कंडेंस कर के जमा कर लिया जाता है। इस Process को अलग-अलग स्टेज में कई बार कियाजाता है, ताकि ऑक्सीजन,नाइट्रोजन, और अर्गन जैसी गैसें अलग-अलग कि जा सके । इस पूरे Process बाद final Liquid oxygen और Gas oxygen मिलती है।


ऑक्सीजन का हमारे जीवन में महत्व  क्या है।
मनुष्यों के साथ-साथ अन्य स्तनधारियों को भी आवश्यक रूप से ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। उन्हें अपने दैनिक कार्यों और शरीर के सुचारू कामकाज को पूरा करने के लिए इसकी आवश्यकता होती है। यहां तक   कि हमारे शरीर की कोशिकाओं को भी ठीक से काम करने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। सभी जीवित प्राणी उचित श्वसन के लिए अपने फेफड़ों में ऑक्सीजन लेते हैं। उसके बाद, हमारी कोशिकाएं इस गैस को शरीर की अन्य कोशिकाओं में समान रूप से वितरित करने के लिए अवशोषित करती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपातकालीन उपयोग के लिए हमारे शरीर में ऑक्सीजन भी जमा हो जाती है ताकि हम गंभीर परिस्थितियों से बच सकें।

इसके अलावा, हमें ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ऑक्सीजन की भी आवश्यकता होती है जो हमारे कार्यों को कुशलतापूर्वक करने में मदद करती है। उदाहरण के लिए, ऑक्सीकरण के माध्यम से, हमारा भोजन और तरल ऊर्जा में परिवर्तित हो जाते हैं। यह हमारी कोशिकाओं की मरम्मत और हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी फायदेमंद है।

इस प्रकार, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमें प्रकृति से भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन मिले। पेड़ों को न काटें और जंगलों को साफ न करें। इसके विपरीत हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने की जरूरत है। इसी तरह, हवा को प्रदूषित न करें और ऑक्सीजन की गुणवत्ता में बाधा डालें। व्यक्तिगत वाहन का उपयोग करने से बचें और सुनिश्चित करें कि कार्बन पदचिह्न न छोड़ें।


इन्हें भी देखें-




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